सन्तो की शिक्षा
कबीर परमेश्वर ने अपनी वाणी में कहा है कि जो व्यक्ति भक्ति नहीं करते उनका जीवन पशु के तुल्य है क्योंकि जो काम पशु कर रहे हैं वही काम मनुष्य कर रहा है इस मनुष्य जन्म का मूल उद्देश्य भक्ति करके 84 लाख योनियों से छुटकारा पाना है अगर हम भक्ति नहीं करते तो अगले जन्म में कुत्ते,गधे और सूअर जैसी योनियों में हमें जाना पड़ेगा इसलिए भक्ति करना अत्यंत आवश्यक है कबीर परमेश्वर ने अपनी वाणी में कहां है "नर सेती तू पशुवा कीजे गधा,बेल बनाई।
यह छप्पन भोग कहां मन बोरे कहि कुरड़ी चरने जाइ।।"
मनुष्य जन्म दुर्लभ है यह मिले ना बारंबार।
जैसे तरुवर से पत्ता टूट गिरे बहुर ना लगता डार।।
आध्यात्मिक मार्ग की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन प्रतिदिन साधना चैनल पर शाम को 7:30 बजे से 8:30 बजे तक
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